ऋषिकेश / देहरादून ,
विश्व स्तनपान जागरूकता सप्ताह के अवसर पर एम्स ऋषिकेश ने शनिवार (3 अगस्त 2025) को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रायवाला में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाएं, नवजात शिशु, माताएं, एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल हुए।
🍼 स्तनपान के महत्व पर जानकारी
कार्यक्रम में स्तनपान के सही समय, विधि और उसके लाभों के बारे में लाभार्थियों को विस्तार से बताया गया। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने कहा:
“मां का दूध नवजात के लिए अमृत के समान है। जन्म के तुरंत बाद शिशु को स्तनपान कराना चाहिए। छह माह तक सिर्फ मां का दूध और उसके बाद पूरक आहार देने की सलाह दी जाती है। इससे शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।”
🎉 हेल्दी बेबी शो और पुरस्कार वितरण
इस अवसर पर एक हेल्दी बेबी शो का आयोजन भी किया गया, जिसमें स्वस्थ बच्चों और उनकी माताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार दिए गए।
उपस्थित अधिकारी:
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डॉ. मीनू सिंह (निदेशक, एम्स ऋषिकेश)
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डॉ. जया चतुर्वेदी (डीन)
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डॉ. अमित बहुगुणा (नोडल अधिकारी, प्रा. स्वा. केंद्र रायवाला)
🏥 स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण – एसपीएस चिकित्सालय ऋषिकेश
2 अगस्त को CMO डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने एसपीएस चिकित्सालय ऋषिकेश का निरीक्षण किया। निरीक्षण में साफ-सफाई, आपातकालीन चिकित्सा सेवा, पैथोलॉजी लैब, लिफ्ट, आरओ पेयजल, पार्किंग और टीकाकरण कक्ष का जायजा लिया गया।
CMO ने निर्देश दिए कि:
“मरीजों और तीमारदारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, सभी अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि मरीज स्वस्थ और संतुष्ट होकर अस्पताल से लौटें।”
☂️ सफाई कर्मियों को वितरित किए गए छाते – कोरोनेशन अस्पताल
इसी दिन कोरोनेशन अस्पताल देहरादून में रेडक्रॉस सोसाइटी के माध्यम से 30 सफाई कर्मचारियों को छाते वितरित किए गए। ये कर्मचारी आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उपस्थित अधिकारी:
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डॉ. मनु जैन (प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक)
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प्रमोद पंवार (जन संपर्क अधिकारी)
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मीनू सिंह (सीनियर मैनेजर, आउटसोर्स कंपनी)
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अन्य वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी
✅ निष्कर्ष
उत्तराखंड में स्वास्थ्य विभाग द्वारा जन-जागरूकता से लेकर अस्पताल प्रबंधन तक हर स्तर पर सुधार और सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं। स्तनपान जैसे अहम विषय पर एम्स ऋषिकेश की पहल और सीएमओ द्वारा लगातार निरीक्षण व जनकल्याणकारी गतिविधियां, स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कदम हैं।