एआई आधारित शोध प्रकाशन पर दी गई जानकारी, शोधकर्ताओं के लिए उपयोगी दिशा-निर्देश
देहरादून,
श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय में शोध लेखन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (IQAC) के तत्वावधान में लाइब्रेरी इंफॉर्मेशन रिसोर्स सेंटर और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन संस्थान एलसेवियर के सहयोग से यह कार्यशाला “साइंस डायरेक्ट ऑनबोर्डिंग एंड ऑथर” विषय पर आयोजित हुई।
कार्यशाला का शुभारंभ पटेलनगर स्थित एसबीएएस ऑडिटोरियम में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
मुख्य वक्ता के रूप में एलसेवियर साउथ एशिया के कस्टमर सक्सेस मैनेजर डॉ. नितिन घोसाल ने शोधार्थियों और फैकल्टी सदस्यों को साइंस डायरेक्ट प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली, नवीनतम फीचर्स और एआई-आधारित साहित्य खोज प्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
एआई उपयोग पर संतुलित दृष्टिकोण की सलाह
डॉ. नितिन ने बताया कि एलसेवियर जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन आज एआई तकनीकों का भरपूर उपयोग कर रहे हैं, जिससे शोध साहित्य खोजना और संदर्भ सामग्री एकत्र करना पहले की अपेक्षा सरल हुआ है। उन्होंने कहा, “एआई शोध में सहायक है, लेकिन उस पर पूर्णतः निर्भर नहीं रह सकते। शोध की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मानवीय विवेक और समीक्षात्मक दृष्टिकोण आवश्यक है।”
शोध से जुड़ी क्विज प्रतियोगिता
कार्यक्रम के समापन पर शोध को प्रोत्साहित करने हेतु एक क्विज का आयोजन भी किया गया, जिसमें डा. भावना ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर IQAC डायरेक्टर प्रो. सोनिया गंभीर, लाइब्रेरियन डॉ. अमिता सकलानी, प्रो. विपुल जैन, प्रो. अरुण कुमार, प्रो. ओम नारायण तिवारी सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षकगण एवं शोधार्थी उपस्थित रहे।