अंतरराष्ट्रीय शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में ‘सौर कैंडी’ ने जीता बेस्ट फिल्म का खिताब

हिमानी शिवपुरी, इश्तियाक़ ख़ान समेत कई चर्चित फिल्मी हस्तियों की रही मौजूदगी
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी बना सिनेमा का सशक्त मंच

देहरादून, 
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित अंतरराष्ट्रीय शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में शॉर्ट फिल्मों की दुनिया को एक नई ऊंचाई मिली। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में आयोजित इस तीन दिवसीय उत्सव के अंतिम दिन ‘सौर कैंडी’ ने बेस्ट फिल्म का खिताब जीतकर सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस फिल्म में उत्कृष्ट सिनेमैटोग्राफी के लिए अश्विन अमेरी को भी पुरस्कृत किया गया, जबकि बाल कलाकार वेदा अग्रवाल को बेस्ट चाइल्ड एक्टर का सम्मान मिला।

सम्मानित हुए उत्कृष्ट कलाकार व फिल्मकार

  • बेस्ट डायरेक्टर: अरिवासन (मन्नासाई)

  • बेस्ट स्टोरी: क्रति टंडन और वरुण टंडन

  • बेस्ट एक्टर: इश्तियाक खान (द लास्ट मील)

  • बेस्ट एक्ट्रेस: वैष्णवी शर्मा (सेंट ऑफ तुलसी)

  • बेस्ट स्क्रीनप्ले: थाइनाज मीन

विविध फिल्में और गहरे संदेश

फेस्टिवल के दौरान भ्रांति, द लास्ट मील, नज़रिया, हाफ बॉयल, आवाज़ और एम्प्लीफायड जैसी शॉर्ट फिल्मों, डॉक्यूमेंट्रीज़ और म्यूजिक वीडियोज़ का प्रदर्शन किया गया। इन सभी ने सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यक्तिगत मुद्दों पर प्रभावशाली ढंग से रोशनी डाली और दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया।

सितारों ने बांधा समां

समापन समारोह में हिमानी शिवपुरी, इश्तियाक़ ख़ान, गुरपाल सिंह और गोपाल दत्त जैसे फिल्मी सितारों की मौजूदगी रही। इन सभी कलाकारों ने अपने अनुभव साझा किए और युवाओं को सिनेमा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनने की प्रेरणा दी।

शिक्षा और सिनेमा का संगम

इस अवसर पर ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अमित आर. भट्ट, बीजेपी की राष्ट्रीय वाइस प्रेसिडेंट नेहा जोशी, वेव्स फिल्म फेस्टिवल के डायरेक्टर अमोल अजगांवकर, को-ऑर्गेनाइज़र अरुण कुमार बेस, वरिष्ठ पत्रकार व अभिनेता सतीश शर्मा, तथा मास मीडिया एंड कम्युनिकेशन विभाग की प्रमुख डॉ. ताहा सिद्दीकी, डॉ. हिमानी बिंजोला, नवनीत गैरोला, संदीप भट्ट सहित शिक्षकों, विद्यार्थियों और दर्शकों की सक्रिय सहभागिता रही।

संचालन और समापन

कार्यक्रम का संचालन हिमांशु भट्ट, आयुषी, भारती धामी, निकिता गुसाईं और अनुकृति श्रीवास्तव ने किया। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि उत्तराखंड न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का घर है, बल्कि कला और सिनेमा के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है।

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