देहरादून,
उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के इतिहास में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश में पहली बार ऑर्गन बैंक और मिल्क बैंक की स्थापना की तैयारी तेज हो गई है। दून मेडिकल कॉलेज को इसके लिए चुना गया है, जहां आधुनिक सुविधाओं से लैस यह व्यवस्था तैयार की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने इस संबंध में अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दे दिए हैं।
🧠 दून मेडिकल कॉलेज में बनेगा पहला ऑर्गन बैंक
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राज्य का पहला ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन (SOTO) स्थापित किया जाएगा।
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इसके लिए दून मेडिकल कॉलेज में ऑर्गन बैंक की स्थापना की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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डॉ. अतुल कुमार, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष, को ऑर्गन बैंक का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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वे NOTTO (नेशनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) और ROTTO (रीजनल ऑर्गन एंड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन) के संपर्क में रहकर सोटो की स्थापना की औपचारिकताएं पूरी करेंगे।
🍼 नवजातों के लिए हर मेडिकल कॉलेज में मिल्क बैंक
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सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में मिल्क बैंक की स्थापना की जाएगी ताकि नवजात शिशुओं को पर्याप्त पोषण मिल सके।
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इससे अकाल जन्में बच्चों और गंभीर रूप से बीमार नवजातों के लिए स्तनपान का सुरक्षित विकल्प सुनिश्चित होगा।
📌 मेडिकल शिक्षा में सुधार के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश भी दिए:
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रक्तदान, देहदान और अंगदान को प्रोत्साहित किया जाए।
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ई-ग्रंथालय की स्थापना और डिजिटल लॉकर के माध्यम से मेडिकल छात्रों को प्रमाण पत्र दिए जाएं।
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हर फैकल्टी सदस्य को एक-एक टीबी मरीज को गोद लेने की अपील की गई।
📋 देहदान और अंगदान के लिए पंजीकरण सुविधा
मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि जो लोग देहदान या अंगदान करना चाहते हैं, वे सीधे दून मेडिकल कॉलेज आकर या SOTO की वेबसाइट के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
🧾 उपस्थित अधिकारीगण
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डॉ. आशुतोष सयाना – निदेशक, चिकित्सा शिक्षा
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डॉ. आर.एस. बिष्ट – अपर निदेशक
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डॉ. गीता जैन – प्राचार्य, दून मेडिकल कॉलेज
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डॉ. अतुल कुमार – नोडल अधिकारी, ऑर्गन बैंक