जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पशु क्रूरता रोकथाम को लेकर हुई अहम बैठक, पंजीकरण न कराने वाले पेट शॉप्स और मीट शॉप्स पर होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून,
राजधानी स्थित ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को पशु क्रूरता निवारण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी सविन बंसल ने की। बैठक में पिछली कार्यवाहियों की समीक्षा के साथ-साथ पशु कल्याण को लेकर आगामी योजनाओं और सख्त निर्देशों पर चर्चा हुई।

🔹 प्रमुख निर्देश व निर्णय:

🔸 पेट शॉप व डॉग ब्रीडर्स का पंजीकरण अनिवार्य:
डीएम ने निर्देश दिए कि नगर निगम क्षेत्र में बिना पंजीकरण के संचालित पेट शॉप और डॉग ब्रीडिंग केंद्रों को तत्काल बंद कराया जाए। मुख्य नगर आयुक्त, अधिशासी अधिकारी और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) को इसका कड़ाई से अनुपालन कराने के आदेश दिए गए।

🔸 अवैध मीट शॉप और डेयरियों पर कार्रवाई:
नगर निकाय क्षेत्र में संचालित अवैध मीट शॉप्स और डेयरियों की पहचान के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है, जिसमें CVO, नगर निगम और खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल होंगे। समिति को 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

🔸 आवारा व घायल पशुओं की देखभाल:

  • डीएम ने घायल और बीमार पशुओं के उपचार व परिवहन हेतु दो वाहनों की स्वीकृति प्रदान की।

  • संचालन हेतु पीआरडी मैनपावर की तैनाती के निर्देश भी दिए।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में 2 नई गौशालाएं अगले माह तक तैयार करने के आदेश दिए।

🔸 शहर में आवारा पशुओं की समस्या:
शहरी क्षेत्रों में आवारा श्वानों की संख्या में कमी लाने के लिए बाध्यीकरण (स्टरलाइजेशन) अभियान को गति देने और गौशालाओं, कांजी हाउस व गौसदनों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश।

🔸 जनजागरूकता पर जोर:
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षण संस्थानों व सार्वजनिक मंचों पर पशु क्रूरता के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि मानवीय संवेदना को बढ़ावा मिल सके।


👥 बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:

  • मुख्य नगर आयुक्त: नमामि बंसल

  • एसडीएम: अपूर्वा

  • मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी: डॉ. एससी जोशी

  • अन्य सदस्य: डॉ. शैलेन्द्र, डॉ. मंजीत सिंह, डॉ. पूजा पांडे, सीमा शर्मा, पशु क्रूरता निवारण सोसाइटी के प्रतिनिधिगण


डीएम सविन बंसल ने दोहराया कि “पशु क्रूरता न केवल कानूनी, बल्कि नैतिक और मानवीय सरोकार का विषय है। सभी विभाग समन्वय से कार्य करें ताकि पशु कल्याण सुनिश्चित हो।”

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