2026 की नंदा देवी राजजात यात्रा को लेकर मुख्य सचिव के निर्देश — तैयार हो SOP, पर्यावरण संरक्षण और मौलिकता रहे प्राथमिकता में – uttarakhandawaaz.in

2026 की नंदा देवी राजजात यात्रा को लेकर मुख्य सचिव के निर्देश — तैयार हो SOP, पर्यावरण संरक्षण और मौलिकता रहे प्राथमिकता में

देहरादून, 
2026 में प्रस्तावित नंदा देवी राजजात यात्रा को लेकर मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में यात्रा की समुचित तैयारी, पर्यावरणीय प्रबंधन, पारंपरिक महत्व की रक्षा, व प्रशासनिक समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।

✅ जिलाधिकारी चमोली को SOP तैयार करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी चमोली को निर्देशित किया कि वे पर्यटन, वन, जिला प्रशासन एवं अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर यात्रा संचालन हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करें। SOP में व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, नियंत्रण एवं आपात स्थिति प्रबंधन को शामिल किया जाए।

♻️ वेस्ट, सेप्टिक और सेनिटेशन प्रबंधन होगा अहम

पर्यटन व वन विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि वे वेस्ट मैनेजमेंट, सेप्टिक टैंक प्रबंधन और स्वच्छता की प्रभावी व्यवस्था का विस्तृत प्लान बनाएं ताकि हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता के बावजूद पर्यावरण को क्षति न पहुंचे।

🎥 डॉक्यूमेंटेशन और डॉक्यूमेंट्री तैयार करने का निर्देश

मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग से कहा कि वह यात्रा की ऐतिहासिकता, सांस्कृतिक गहराई और धार्मिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए डॉक्यूमेंटेशन करें और एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी तैयार करें, जिससे यह धरोहर भावी पीढ़ियों तक संरक्षित रह सके।

🏗️ स्थाई और अस्थाई कार्यों का पृथक प्रस्ताव तैयार करने को कहा

बैठक में निर्णय लिया गया कि यात्रा मार्ग या पड़ाव स्थलों पर किए जाने वाले सभी कार्यों को स्थायी व अस्थायी श्रेणी में विभाजित किया जाए।
🔹 रूटीन कार्यों को संबंधित विभाग अपने बजट से पूरा करेंगे।
🔹 जरूरी स्थाई कार्यों के लिए सप्लीमेंट्री बजट की मांग भी की जा सकती है।
🔹 आपात व प्राथमिकता वाले कार्यों को तुरंत प्रारंभ करने के निर्देश भी जारी हुए।

🏔️ मौलिकता से न हो समझौता

मुख्य सचिव ने यह स्पष्ट किया कि नंदा देवी राजजात यात्रा की पारंपरिक मौलिकता, उसकी मूल धार्मिकता और सांस्कृतिक पहचान को हर हाल में सुरक्षित रखा जाए। यात्रा के स्वरूप में कोई ऐसा बदलाव न किया जाए जो इसकी पौराणिक गरिमा को प्रभावित करे।

📍 अन्य जिलों से भी ली गई फीडबैक

चूंकि यात्रा मार्ग चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल व पिथौरागढ़ जिलों से भी जुड़ता है, इसलिए मुख्य सचिव ने इन जिलों के जिलाधिकारियों से यात्रा मार्ग की अवस्थिति, ज़रूरतें और अपेक्षाएं भी जानीं। यात्रा में इन जिलों की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए।


🗣️ उपस्थित रहे वरिष्ठ अधिकारी

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, विनोद कुमार सुमन, धीरज गब्र्याल, और पुलिस महानिरीक्षक के.एस. नगन्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।


🔖 उत्तराखंड आवाज़ विशेष
2026 की नंदा देवी राजजात को लेकर शासन की यह तैयारी बताती है कि राज्य सरकार इस लोक आस्था की यात्रा को न केवल सुचारू ढंग से संपन्न कराना चाहती है, बल्कि इसे पर्यावरणीय, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी संरक्षित रखना चाहती है।

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