देहरादून,
उत्तराखंड एसटीएफ ने थाना क्लेमेंटाउन क्षेत्र से एक ऐसे शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय वन्य जीव तस्करी से जुड़े गिरोहों को अवैध असलहों की आपूर्ति कर रहा था। इस गिरफ्तारी ने हथियार तस्करी की एक बड़ी श्रृंखला का पर्दाफाश किया है, जो ऑनलाइन बुकिंग, कूरियर और सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से काम करती थी।
🚨 पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त पूर्व में दिल्ली में भी 2000 अवैध कारतूस की बरामदगी के मामले में जेल जा चुका है। बावजूद इसके उसने अपने नेटवर्क को जारी रखा और महाराष्ट्र, दिल्ली व उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में आर्म्स सप्लाई चैन खड़ी की।
🔥 महाराष्ट्र में हुई बड़ी बरामदगी से जुड़ा है कनेक्शन
तीन दिन पूर्व महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में, वन्य जीवों के शिकार में लिप्त शिकारियों के गैंग से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए थे।
बरामद असलहों में शामिल हैं:
-
एक .22 कैलिबर राइफल
-
एक .177 कैलिबर एयरगन
-
एक डबल बोर गन
-
एक .32 रिवॉल्वर
-
क्रॉसबो हंटिंग ट्रिगर गार्ड सहित
-
200 से अधिक जिंदा कारतूस
-
बुलेटप्रूफ जैकेट (मिलिट्री रंग की)
महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच द्वारा दी गई खुफिया सूचना पर उत्तराखंड एसटीएफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्लेमन्टाउन से अभियुक्त को धर दबोचा।
👮♂️ डीजीपी और एसटीएफ के कड़े निर्देश
उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने प्रदेश में चल रहे “विशेष अपराध नियंत्रण अभियान” के तहत राज्यभर के पुलिस अधिकारियों को गैंगस्टर, अपराधियों व बाहरी तस्करों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
एसटीएफ प्रमुख नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ जारी है और उसके नेटवर्क की कुंडली खंगाली जा रही है। जल्द ही उससे जुड़े अन्य सहयोगियों और ग्राहकों की गिरफ्तारी की जा सकती है।