मलिन बस्तियों को मालिकाना हक दिलाने की कांग्रेस की पहल, “मलिन बस्ती न्याय यात्रा” शुरू

“राइट टू शेल्टर” को मुद्दा बनाकर कांग्रेस का आंदोलन तेज

देहरादून ,
देहरादून महानगर कांग्रेस ने महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी के नेतृत्व में शनिवार से “मलिन बस्ती न्याय यात्रा” की शुरुआत की। यह यात्रा चन्द्र रोड से शुरू होकर करनपुर बस्ती, खटीक मोहल्ला, डीएल रोड होते हुए आर्य नगर रिस्पना पुल तक पहुंची। इस यात्रा के माध्यम से कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर मलिन बस्तियों की उपेक्षा और बेदखली के प्रयासों का आरोप लगाया।


🗣️ क्या बोले डॉ. गोगी:

“कांग्रेस पार्टी ही हर वर्ग की पार्टी है, जिसने हर धर्म, जाति और समुदाय को साथ लेकर चलने का काम किया है। इंदिरा गांधी के समय भी हमने ‘गरीबी हटाओ’ का नारा दिया था, आज भी हम मलिन बस्तियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं।”

उन्होंने कहा:

  • भाजपा सरकार ने मलिन बस्तियों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया, लेकिन मालिकाना हक देने में असफल रही।

  • 2016 में कांग्रेस सरकार ने मालिकाना हक देने की पहल की थी, लेकिन 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

  • भाजपा सरकार हर बार अध्यादेश लाकर ग्रेस पीरियड देती है, लेकिन कभी समाधान नहीं देती।


⚖️ मौलिक अधिकार की बात:

  • मदन लाल, प्रदेश अध्यक्ष (अनुसूचित जाति सेल) ने कहा कि “राइट टू शेल्टर” को सुप्रीम कोर्ट ने मौलिक अधिकार माना है, लेकिन भाजपा सरकार बस्तीवासियों का यह अधिकार छीन रही है।

  • उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हर हालत में इन बस्तियों को उजड़ने नहीं देगी।


🧭 यात्रा का उद्देश्य:

  • मलिन बस्तियों के लोगों को जागरूक करना और उनके हक के लिए राजनीतिक दबाव बनाना।

  • इस यात्रा के माध्यम से पार्टी सरकार को जगाने का प्रयास करेगी।

  • यह यात्रा महानगर के अन्य क्षेत्रों से भी होकर गुज़रेगी।


👥 मौजूद रहे प्रमुख नेता:

  • मदन लाल, प्रदेश अध्यक्ष अनुसूचित जाति विभाग

  • डॉ. प्रदीप जोशी, सुनीता प्रकाश, सुनील जैसवाल (पार्षद), रॉबिन त्यागी, धर्मपाल घगत, करण घगत, विपुल नौटियाल, ललित बद्री, आदर्श सूद, विजेंद्र चौहान, मोनिका राजौरी, गगन चाचर, और अन्य कार्यकर्ता

कांग्रेस ने “मलिन बस्ती न्याय यात्रा” के ज़रिए भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति तैयार की है। यह यात्रा केवल राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि नगरीय गरीब तबके के हक के लिए आंदोलन बनता जा रहा है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जब तक बस्तीवासियों को मालिकाना हक और सुरक्षा नहीं मिलती, यह यात्रा और संघर्ष जारी रहेगा।

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