देहरादून ,
देहरादून नगर निगम की मोहल्ला समिति से जुड़े 90 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। सोमवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अभिनव थापर ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ नगर निगम पहुंचकर नवनिर्वाचित मेयर सौरभ थपलियाल और मुख्य नगर अधिकारी नमामि बंसल से मुलाकात की। उन्होंने निगम से भ्रष्टाचार की राशि की तत्काल रिकवरी की मांग की।
🔍 क्या है मामला?
अभिनव थापर के अनुसार, 2019 से 2024 के बीच मोहल्ला समितियों में भारी अनियमितताएं और फर्जी नियुक्तियां की गईं। RTI और पत्राचार के माध्यम से जब कांग्रेस ने इस मामले को उजागर किया तो निगम को जांच बैठानी पड़ी। जांच में 99 फर्जी कर्मचारी पाए गए और 90 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई।
6 जून 2025 को नगर निगम ने इस मामले में FIR दर्ज कराने के लिए पुलिस को पत्र जारी कर दिया, लेकिन अभी तक:
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जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई,
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कोई धनवसूली नहीं हुई,
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दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
🗣 थापर का आरोप: “चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अधिकारों पर डाका”
थापर ने कहा कि यह घोटाला सिर्फ सरकारी धन की लूट नहीं, बल्कि न्यायिक हकदारों — चतुर्थ श्रेणी कर्मियों — के हकों पर डाका है। उन्होंने मेयर से मांग की कि:
“FIR एक प्रक्रिया है, लेकिन रिकवरी करना निगम का कर्तव्य है, जिसे ब्याज सहित तत्काल किया जाना चाहिए। यदि निगम टालमटोल करता है, तो हम सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष करेंगे।”
🧾 मेयर का जवाब
मेयर सौरभ थपलियाल ने कांग्रेस की शिकायत पर जांच की पुष्टि की और कहा:
“हमने इस पर विधिवत कार्रवाई की है और पुलिस को FIR के लिए लिखा गया है। रही बात रिकवरी की, तो नियमानुसार दोबारा जांच कर कार्रवाई की जाएगी।”
👥 प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे:
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मोहित मेहता मोनी (युवा कांग्रेस महानगर अध्यक्ष)
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नवीन रमोला (युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष, वार्ड 83 प्रत्याशी)
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गगन छाछर (वार्ड 25)
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नितिन चंचल (वार्ड 24)
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रोहित अरोड़ा, आशीष, इन्द्रपाल सिंह सहित अन्य नेता
📌 विशेष नोट: यह मामला निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल उठाता है। फर्जी नियुक्तियां, लाखों की तनख्वाह और जवाबदेही का अभाव दर्शाता है कि सिस्टम में कहीं न कहीं गहरी चूक हुई है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की रणनीति और प्रशासन की जवाबदेही इस घोटाले का रुख तय करेगी।