हरिद्वार ,
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अपने दो दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर रविवार को हरिद्वार के कनखल स्थित हरिहर आश्रम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी से भेंट की और आशीर्वाद प्राप्त किया।
परिवार सहित पहुंचे पूर्व राष्ट्रपति का आश्रम में पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। हरिद्वार की धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता को लेकर उन्होंने गहरा सम्मान व्यक्त किया।
“ऑपरेशन सिंदूर हमारी सेनाओं की वीरता की मिसाल”
मीडिया से बातचीत में रामनाथ कोविंद ने हाल ही में चर्चा में आए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बयान देते हुए कहा,
“यह ऑपरेशन हमारी सेनाओं के अद्भुत शौर्य, पराक्रम और रणनीतिक क्षमता का प्रतीक है। देश ही नहीं, दुनिया भी इस अभियान को लंबे समय तक याद रखेगी। हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए।”
“एक देश, एक चुनाव – समय की जरूरत”
पूर्व राष्ट्रपति ने ‘एक देश, एक चुनाव’ के मुद्दे पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि,
“यह राष्ट्रहित में एक आवश्यक और प्रभावी कदम है, जिससे संसाधनों की बचत होगी और नीति-निर्माण की प्रक्रिया अधिक स्थिर और मजबूत हो सकेगी।”
हरिद्वार में श्रद्धा और संवाद का संगम
पूर्व राष्ट्रपति का यह दौरा धार्मिक महत्व के साथ-साथ राष्ट्रीय मुद्दों पर उनके स्पष्ट विचारों को लेकर भी खास रहा। हरिद्वार जैसे तीर्थस्थल में उनकी उपस्थिति ने श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को प्रेरित किया।