कूड़ा उठान में लापरवाही पर इकॉन वाटरग्रेस मैनेजमेंट से सात दिन में मांगा जवाब – uttarakhandawaaz.in

कूड़ा उठान में लापरवाही पर इकॉन वाटरग्रेस मैनेजमेंट से सात दिन में मांगा जवाब

स्पष्ट जवाब न देने तथा कूड़ा उठान व्यवस्था में सहयोग न करने पर सिक्योरिटी होगी जब्तः डीएम
देहरादून ,

जिलाधिकारी व नगर निगम के प्रशासक सविन बंसल ने शहर में कूड़ा उठान व्यवस्था में लापरवाही बरतने पर इकॉन वाटरग्रेस मैनेजमेंट को नगर निगम द्वारा नोटिस प्रेषित कर सात दिन के भीतर जवाब मांगा है और स्पष्ट जवाब न देने तथा कूड़ा उठा व्यवस्था में सहयोग न करने पर सिक्योरिटी जब्त करने तथा ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि कारगी ट्रांसफर स्टेशन में शर्तों के अनुसार कार्य न करने तथा अव्यवस्थाएं फैलाई जाने के व डोर टू डोर कूड़ा उठान में लापरवाही के संबंध में नोटिस दिया गया है और बीते दिनों जिलाधिकारी व नगर निगम के प्रशासक सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्देश जारी किए गए थे। उन्होंने नई फर्म के आने तक कूड़ा उठान व्यवस्था में देना होगा सहयोग सहयोग न करने की दशा में सिक्योरिटी जब्त करने तथा ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी गई थी की साफ-सफाई लगातार प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इकाॅन वाटरग्रेस मैनेजमेंट द्वारा किराए पर लिए गए वाहनों के स्वामियों द्वारा कांटे पर एक ट्रक एवं जेसीबी मशीन खड़ी कर दी गई है, जिससे डोर टू डोर कूड़ा एकत्रिकरण के लिए लगाए गए 77 वाहनों एवं अन्य संचालित डम्पर,ट्रैक्टर आदि से ट्रांस्फर स्टेशन तक कूड़ा पहुंचाने वाले वाहनों का मार्ग बाधित किया गया है। उन्होंने कहा कि जिससे एक ओर शहर का कूडा पूर्ण रूप से न उठने तथा कूड़ा एकत्रिकरण वाहन खाली न होने से गंदगी फैलने की संभावना बनी हुई है तो दूसरी ओर कारगी स्थित ट्रांसफर स्टेशन से शीशमबाड़ा प्रोसेसिंग प्लांट पर कूड़ा भेजने का कार्य भी पूर्ण रूप से बाधित रहा है। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में सुधार एवं संचालन में नगर निगम को अपेक्षित सहयोग प्रदान नही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विगत एक माह से प्रतिदिन लगभग 140 मीट्रिक टन कूड़ा ही एकत्रित किया जा रहा है, जिसे शीशमबाड़ा प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंचाना आपका दायित्व है। किन्तु कंपनी द्वारा विगत लगभग एक माह से उक्त स्थल पर केवल एक व दो वाहनों का ही संचालन किया जा रहा है, जिससे कुल एकत्रित कूड़े का लगभग 25-30 प्रतिशत कूडा ही कंपनी द्वारा प्रोसेसिंग प्लांट पर जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस लापरवाही के कारण क्षेत्र में दुर्गंध फैलने के कारण जन आंदोलन होने की संभावनाएं बनी हुई हैं।

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