देहरादून ,
उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा, उत्तराखण्ड लगातार अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलनरत है लेकिन उनके हितों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है जिसके विरोध में उपनल कर्मचारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकालकर विधानसभा कूच किया। यहां मोर्चा के संयोजक विनोद गोदियाल के नेतृत्व में उपनल कर्मचारी रेसकोर्स स्थित बन्नू इंटर कालेज के पास इकटठा हुए और वहां से अपनी मांगों के समाधान के लिए राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विधानसभा कूच किया। इस दौरान पुलिस ने रिस्पना पुल के समीप बैरीकैडिंग लगाकर सभी को रोक लिया। इस बीच पुलिस द्वारा रोके जाने पर उपनल कर्मचारियों व पुलिस के बीच तीखी नोंकझोंक व धक्का मुक्का हुई और बाद में सभी वहीं धरने पर बैठ गये। इस अवसर पर गोदियाल ने कहा है कि लगातार उपनल कर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सात सूत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए लंबे समय से आंदोलनरत है लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले सात आठ माहों से मानदेय नहीं मिल पा रहा है जो चिंता का विषय है। उनका कहना है कि विगत कई को से अपनी न्यायपूर्ण मांगों हेतु संघ कर रहे प्रदेश के समस्त उपनल कर्मचारी अपने पूर्ण निष्ठा एवं भाव के साथ अपने-अपने कार्यों का निवर्हन करते हुए सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान आज तक नहीं किया गया है जिससे उनमें व्यापक स्तर पर रोष बना हुआ है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शासनादेश संख्या 136173 की तिथि 18 जुलाई 2023 एवं शासनादेश संख्या 922 और 11 अगस्त 2023 जारी किये गये हैं, जोकि उपनल कर्मचारियों के हित में नहीं जिसे उपनल कर्मचारी विरोध करता है। उन्होंने कहा कि उपनल कर्मचारियों को विभिन्न विभागों से उनकी सेवाये समाप्त की जा रही हैं तथा पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मचारियों को विगत सात एवं आठ माह से सेवा विस्तार नहीं हुआ है, जिससे उनकी जीविका हेतु मानदेय प्राप्त न होने पर भी उनके द्वारा अपने पूर्ण मनोबल से अपने दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है। इस अवसर पर विधानसभा कूच करने वालों में प्रदेश भर से आये हुए अनेकों उपनल कर्मचारी उपस्थित रहे।