गन्ने का मूल्य घोषित नहीं हुआ, जो मुआवजा मिला वह बहुत कमः हरीश रावत
देहरादून ,
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और उत्तराखण्ड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत किसानों को गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग को लेकर हाथों में गन्ना लेकर गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सम्मुख मौन उपवास पर बैठे। इस अवसर पर उपवास के बाद में संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि जब राजधानी में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए अडानी, अंबानी, जैसे बड़े-बड़े अरबपति प्रदेश की राजधानी देहरादून आ रहे हैं तो ऐसे अवसर पर कांग्रेस किसानों की आवाज को सत्ता तक पहुंचाना चाहेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का किसान पस्त हाल है। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है जिससे किसानों मंे व्यापक स्तर पर रोष बना हुआ है। उन्हांेने कहा कि गन्ने का मूल्य घोषित नहीं हुआ, जो मुआवजा मिला वह बहुत कम था। उन्होंने कहा कि इकबालपुर चीनी मिल के बकाये का भुगतान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में किसानों में सरकार के बर्ताव को लेकर निराशा का माहोल है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों से संबधित निर्णय लेने में पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि एक तरफ बड़े-बड़े अरबपति- खरब पतियों की चमक होगी, तो दूसरी तरफ देहरादून की वादियों में किसानों की व्यथा भी गूंजेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है और राज्य सरकार को किसानों की समस्यायें जल्द ही हल करनी चाहिए अन्यथा आंदोलन को तेज किया जायेगा। इस अवसर पर कांग्रेसजन भी गन्ने को लेकर उनके साथ उपवास पर बैठे। इस अवसर पर कांग्रेस के अनेक नेताओं के साथ ही किसान भी शामिल रहे।