कांग्रेस ने भाजपा सरकार की ‘‘ग्लोबल इनवेस्टर समिट’’ पर उठाए सवाल

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने भाजपा सरकार को तिवारी सरकार के कार्यों की याद दिलाई
बिना आडम्बर और इनवेस्टर समिट जैसे खर्चीले आयोजन के पं. तिवारी ने राज्य में रखी थी जबरदस्त निवेश की नींवः करन
देहरादून ,

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने राज्य सरकार द्वारा आठ एवं नौ दिसम्बर को आयोजित ग्लोबल इनवेस्टर समिट को लेकर भाजपा की सरकार को तिवारी सरकार द्वारा किये गये कार्यों को भी याद दिलाया है। यहां राजीव भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए माहरा ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय पण्डित नारायण दत्त तिवारी का कार्यकाल याद दिलाते हुए कहा कि सन् 2000 में जब राज्य का गठन हुआ तो राज्य पूरी तरह से उद्योग विहीन था। उन्होंने कहा कि ऐसे में बिना आडम्बर और इनवेस्टर समिट जैसे खर्चीले आयोजन कर पंडित तिवारी ने राज्य में जबरदस्त निवेश की नींव रखते हुए दो सिडकुलों की स्थापना की जो आज भी राज्य की रीड बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि नवंबर 2000 में जब राज्य का गठन हुआ, तब नारायण दत्त तिवारी को कमान मिली ,तो लगभग 2000 छोटे बड़े उद्योग स्थापित किए गए, बिना किसी इन्वेस्टमेंट मीट किए उन्होंने सिडकुल की स्थापन की ओर 2003 में अच्छा आर्थिक पैकेज मिला जिससे बड़े स्तर पर लाभ हुआ। वर्ष 2006 में यूपीए की सरकार द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास अधिनियम पारित किया गया, जिसके माध्यम से एमएसएमई का सर्वागींण विकास हो सके। उन्होंने कहा कि 2015 में राज्य की हरीश रावत सरकार द्वारा एमएसएमई नीति के तहत सूक्ष्म व लघु विनिर्माण उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए भूमि की उचित दरों पर व्यवस्था हेतु भूमि बैंक तथा नये औद्योगिक संस्थानों की स्थापना का प्रावधान किया गया। माहरा ने कहा कि कांग्रेस सरकार की तुलना में भाजपा सरकारों में औद्योगिक निवेश एवं रोजगार में लगातार गिरावट देखी गयी। माहरा ने कहा कि आज पहाड़ में कृषि एवं बागवानी उत्पादों के लिए कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था नहीं है, वहीं औद्योगिक क्षेत्रों में जल निकासी और ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था नाकाफी है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में राज्य के कुछ जनपद बिलकुल अछुते हैं। माहरा ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट को लेकर राज्य की धामी सरकार से कुछ तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि मैकेन्जी ग्रुप जो एक ब्लैक लिस्टेड कम्पनी है उसे 2 लाख 50 हजार रुपये प्रतिदिन किस मद से दिये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दिसम्बर 2022 में एक अमेरिकन कम्पनी मैकेन्जी ग्रुप के साथ इस तहत अनुबन्ध किया गया था कि वह राज्य की जीडीपी में बड़ा सुधार करेगी एवं राज्य सरकार को कर्ज मुक्त करने की तरफ कदम बढाएगी। माहरा ने पूछा की सालाना 80 करोड़ रूपये देकर जो कम्पनी हायर की गयी आज लगभग एक साल बीत जाने के बाद राज्य उससे कितना लाभान्वित हुआ है। इस अवसर पर अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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