पूर्व सीएम ने श्रमिकों के आत्मविश्वास, इंजीनियर्स, विशेषज्ञ, एक्सपोर्ट और रैट माइनर्स को दिया धन्यवाद
देहरादून ,
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल में फंसे 41 श्रमिकों का रेस्क्यू एक चुनौती थी। यहां कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने श्रमिकों के आत्मविश्वास, इंजीनियर्स, विशेषज्ञ, एक्सपोर्ट और रैट माइनर्स को धन्यवाद दिया और कहा कि जिन्होंने इस रेस्क्यू अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसी प्रकार जाति, धर्म और समाज से उठ कर रैट माइनर्स ने काम किया। उन्होंने कहा कि भगवान, स्थानीय देवी देवताओं के साथ अल्लाह की दुआ भी श्रमिकों के साथ रही। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में रेस्क्यू ऑपरेशन में रैट माइनर्स को सम्मानित करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वरिष्ठ नेता व महासचिव प्रियंका गांधी ने यह सुझाव दिया था जिसे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी, वरिष्ठ नेता, विधायक एवं पूर्व विधायकों ने माना और अपने एक माह का वेतन रैट माइनर्स को प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान करेंगें और एक समारोह में उन सभी को सम्मानित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सिलक्यारा टनल हादसे के बाद विशेष एहतियात बरतनें की जरूरत है और राज्य में बन रही अन्य टनलों को लेकर संतुलित नीति बनाये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चार धाम सुधार मार्ग को आॅल वेदर रोड का नाम ले दिया गया है और यहां पर काटो, लुडकाओ और माल बनाओ का परिणाम राज्य की जनता झेल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल के समय में मिनिमम टनल को मैक्सिमम टनल के रूप में विकसित कर दिया गया है और टनल का फायदा पर्यावरण से और स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि माता डाट काली मंदिर का टनल कांग्रेस के शासनकाल में बना है। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल का डीपीआर कांग्रेस के शासन में बना। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा टनल से सबक लेने की आवश्यकता है और इससे पूर्व रैणी की आपदा से भी किसी भी प्रकार का सबक राज्य सरकार ने नहीं किया लिया है। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा में आॅगर मशीन तक फेल हो गई और वहां पर रैट माइनर्स काम आये और उनके अथक प्रयास से टनल में फंसे मजदूर तीन दिन में सकुशल बाहर आ गये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार टनलवाद मानसिकता से बचे। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा के अनुभवों को किस प्रकार से बांटा जाये और ऐसी परिस्थितियों में सुरक्षात्मक दृष्टिकोण अपनाकर आगे बढना चाहिए, वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लीड लेनी चाहिए ताकि सिलक्यारा और सिलक्यारा के बाद आॅपरेशन का दीर्घकालीन लाभ मिले। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने चहेतों को टनल का काम दिया और वह भी विवादित कंपनी को दिया गया जिसकी जांच होनी चाहिए। इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि रैट माइनर्स के सम्मान में वह पूर्ण रूप से आर्थिक मदद में सहयोग करेंगें। इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि राज्य सरकार और पीएमओ को वरूण अधिकारी ने रैट माइनर्स के बारे में सुझाया था लेकिन आज उनका राज्य सरकार की ओर से नाम तक नहीं लिया गया है। इस अवसर पर अनेक कांग्रेसजन शामिल रहे।