देहरादून ,
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव गीताराम जायसवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने वाली छात्राओं के साथ बहुत धोखा कर रही है जिसके लिए आवाज को बुलंद किया जायेगा। यहां जानकारी देते हुए गीताराम जायसवाल ने बताया कि जिन लड़कियों ने कक्षा 12वीं उत्तीर्ण कर लिया होता है उन लड़कियों को सरकार 51 हजार हजार रुपए की धनराशि गौरा देवी कन्या धन के रूप अनुदान राशि देती है लेकिन जिन गरीब परिवार की लड़कियों ने 12वीं पास किया और उन सभी बाल विकास अधिकारी के द्वारा आदेश अनुसार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने अपने क्षेत्रों की सभी 12 वीं पास करने वाली सभी लड़कियों कॉल कर बताया कि सभी लोग अपने पेपर तैयार कर लो और ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करें जिसमंे बहुत ज्यादा संख्या में बच्चों ने अपने माता पिता को बोल कर कागज तैयार कराए हैं। उन्होंने बताया कि जिसमंे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। अभी भी कुछ ऐसे बच्चे हैं जिनके पेपर तैयार नहीं हुए हैं। बाल विकास अधिकारी की ओर आदेश मौखिक रूप आदेश जारी किया गया है केवल उन्हीं बच्चों को अनुदान राशि मिलेगी जिन्हांेने केवल राजकीय इंटर कॉलेज से ही 12वीें पास किया होगा अन्यथा किसी भी बच्चों की अनुदान राशि नहीं दी जाएगी। इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश सचिव गीताराम जायसवाल ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब सरकार को गरीब परिवार की लड़कियों को 12वीं पास करने के बाद गौरा देवी कन्या धनराशि के रूप में देनी थी तो सरकार को पहले से ही प्रेस विज्ञप्ति जारी कर देनी चाहिए थी जिससे गरीब परिवार सरकार से अपनी उम्मीद छोड़ देते। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश सचिव सरकार से पूछना चाहते हैं कि गरीब परिवार अपने बच्चों प्राइवेट स्कूल में या किसी संस्था द्वारा चलाए गए स्कूल कॉलेज में नही पढ़ा सकता है जो सरकार से मान्यता प्राप्त है अगर सरकार की नजर में उन स्कूल कॉलेजों की कोई मान्यता नही है तो सरकार उन सभी स्कूलों को बन्द कराए जिसमे गरीब परिवार के बच्चों पढ़ाई करने के बाद लड़कियों मात्र 51 हजार रुपए की अनुदान राशि प्राप्त करने के रोना पड़े एक ओर सरकार कहती है कि हम गरीबांे की लड़कियों को 12 वीं पास करने के गोरा देवी कन्या धन के रूप अनुदान राशि दे रहे हैं ऑनलाइन पेपर्स जमा करने पर भी रिजेक्ट कर दिया जाता है फिर दोबारा से फॉर्म भरना पड़ता है और ऐसे लास्ट आदेश दिया जाता है कि गैर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को गौरा देवी योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।