न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक खिलाड़ियों को मिलेगा प्रतिभा दिखाने का अवसर, विजेताओं को करीब ₹11 करोड़ की पुरस्कार राशि
चंपावत ,
उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को नई पहचान और बेहतर मंच देने के उद्देश्य से ‘खेल महाकुम्भ-मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी-2026’ का मंगलवार को टनकपुर स्थित स्व. कैलाश चन्द्र गहतोड़ी स्पोर्ट्स स्टेडियम में शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्कृष्ट खिलाड़ी गहना महर को मशाल सौंपकर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया।
इस अवसर पर खिलाड़ियों ने अनुशासन, निष्पक्षता और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने की शपथ ली। खिलाड़ियों ने योगासन के साथ उत्तराखंड के पारंपरिक खेल ‘मुर्गा झपट’ का प्रदर्शन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल महाकुम्भ प्रदेश के गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि संसाधनों और उचित मंच के अभाव में प्रदेश की कोई भी प्रतिभा पीछे न रह जाए।
विजेताओं को मिलेगी करीब 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। करीब 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी।
उन्होंने कहा कि खेल महाकुम्भ की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को अब सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इसे खिलाड़ियों की मेहनत, प्रतिभा और उनके सपनों के सम्मान के रूप में बताया।
गांवों से राज्य स्तर तक पहुंचेगी खेल प्रतिभा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में खेल महाकुम्भ की शुरुआत प्रदेश के गांव-गांव में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से की गई थी। यह आयोजन अब अपने दसवें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। पिछले वर्ष दो लाख 20 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने इसमें प्रतिभाग किया था और इस वर्ष इससे भी अधिक खिलाड़ियों के जुड़ने की उम्मीद है।
इस बार प्रतियोगिताओं का दायरा और व्यापक किया गया है। न्याय पंचायत स्तर से शुरुआत होकर खिलाड़ी विधानसभा, संसदीय और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं तक पहुंचेंगे।
खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी दी जा रही है। अब तक 29 खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति दी जा चुकी है। वहीं 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में सेवायोजित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों और क्रीड़ा छात्रावासों में चयनित खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, आवास, भोजन, खेल उपकरण, खेल किट, शिक्षा और चिकित्सा जैसी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के तहत 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है। 14 से 23 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों के लिए मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
‘एक जनपद-एक खेल’ पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के लिए आधुनिक आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है। हल्द्वानी में उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का शिलान्यास और प्रथम शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया जा चुका है। खटीमा में आधुनिक खेल सुविधाओं से युक्त स्टेडियम के निर्माण की घोषणा भी की गई है।
उन्होंने कहा कि ‘एक जनपद-एक खेल’ के माध्यम से प्रत्येक जिले की विशिष्ट खेल पहचान विकसित करने और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सितंबर से अक्टूबर तक होंगे विभिन्न चरण
खेल महाकुम्भ-2026 के तहत 1 से 10 सितंबर तक न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं होंगी। इसके बाद 11 से 20 सितंबर तक विधायक चैम्पियनशिप ट्रॉफी, 21 से 30 सितंबर तक सांसद चैम्पियनशिप ट्रॉफी तथा 10 से 30 अक्टूबर तक राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी आयोजित की जाएगी।
प्रतियोगिताओं में विभिन्न आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं के साथ महिला ओपन तथा दिव्यांगजन महिला-पुरुष वर्ग के खिलाड़ियों को भी विभिन्न खेल विधाओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिलेगा।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने खिलाड़ियों से पूर्ण समर्पण और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर की प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों के खेल जीवन की शुरुआती महत्वपूर्ण सीढ़ी हैं। पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उनकी क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे पूरी लगन, अनुशासन और निष्ठा के साथ मैदान में उतरें। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘खेल महाकुम्भ-2026’ उत्तराखंड के खेल इतिहास में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और राज्य को देश की ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने के संकल्प को मजबूती देगा।