देहरादून,
सहस्रधारा मोटर मार्ग स्थित आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को ऋषिपर्णा सभागार में उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को क्षेत्र का गहन तकनीकी सर्वेक्षण कर वैज्ञानिक एवं प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में सिडकुल, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और अनुसंधान एवं नियोजन खंड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से एनआईवीवी कंसल्टेंसी सर्विसेज के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान देहरादून शहर में जलभराव की समस्या लगातार गंभीर चुनौती बनती जा रही है। इसका स्थायी समाधान केवल तत्काल जल निकासी से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करके ही संभव है। उन्होंने सिंचाई विभाग के माध्यम से चिन्हित कंसल्टेंसी के विशेषज्ञों को आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव के कारणों का तकनीकी अध्ययन कर ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक जल निकासी मार्ग, वर्षा जल के प्रवाह और मौजूदा ड्रेनेज व्यवस्था का समग्र अध्ययन करने को कहा। डीएम ने निर्देश दिए कि आईटी पार्क क्षेत्र का विस्तृत सर्वेक्षण सितंबर माह में पूरा कर लिया जाए, ताकि स्थायी समाधान की दिशा में तेजी से कार्रवाई हो सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि कंसल्टेंसी द्वारा सर्वेक्षण के आधार पर दिए जाने वाले सुझावों और प्रस्तावित समाधानों का तकनीकी स्तर पर गहन परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार कर शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा और आवश्यक स्वीकृति प्राप्त कर कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान होने से आईटी पार्क क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा और स्थानीय नागरिकों, कर्मचारियों व आमजन को बरसात के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा, अधिशासी अभियंता भृगुनाथ द्विवेदी, एजीएम सिडकुल विनय शंकर, अधिशासी अभियंता सिंचाई ईआर पुरुषोत्तम, सहायक अभियंता पीएस रावत, नेहा सिंह सहित एनआईवीवी कंसल्टेंसी सर्विसेज के पदाधिकारी उपस्थित रहे।